सोलर पंप योजना मध्य प्रदेश : 65000 रुपए एमपी सरकार दे रही मुफ्त में, Toll Free नंबर पर कॉल करके लें जानकारी

सोलर पंप योजना के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से 65000 तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है इसके अलावा अगर आपको कोई भी तकलीफ जाती है या फिर कोई समस्या जाती है तो आप टोल फ्री नंबर 181 पर कॉल करके अपनी समस्या का समाधान प्राप्त कर सकते हैं । सोलर पंप योजना को मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा किसानों को भौतिक रूप से सहायता प्रदान करने के लिए चलाई गई योजना है जिसमें किसानों को खेती के संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं । आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि 65000 सरकार की तरफ से किस तरह प्राप्त की जा सकते हैं।

सोलर पंप योजना कीमत–

सोलर पंप योजना की कीमत लगभग 50000 से अधिक है जो की 3 हॉर्स पावर का होता है इसके अलावा हर तरह के सोलर पंप सरकार के द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं जो किसान की आवश्यकता को देखते हुए प्रदान किए जाते हैं। 2 हॉर्स पावर की कीमत 42000 और 5 हॉर्स पावर की कीमत 73000 तक है।

सोलर पंप योजना का उद्देश्य–

सोलर पंप योजना का प्रथम उद्देश्य किसानों को सच्चाई के लिए संसाधन उपलब्ध कराना है इसके अलावा इस योजना को हर छोटे से छोटे किसान तक पहुंचाना सरकार का कर्तव्य है। सोलर पंप योजना के माध्यम से सिंचाई के संसाधनों का लाभ प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन तरीके से आवेदन किया जाता है जिसकी प्रक्रिया रोजगार सहायक के द्वारा पूरी की जाती है जो कि अपनी पंचायत के कार्यकर्ता होते हैं ।

मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना का आवेदन कैसे करें?

मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अथवा इसका आवेदन करने के लिए आपको ग्राहक सेवा केंद्र की सहायता लेनी होगी इसके अलावा आप अपने ग्राम पंचायत के किसी कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं और इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन करने के लिए आपसे हमसे भी आवेदन कर सकते हैं इसके लिए आपको मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना से तहत जारी किए जाने वाले सॉफ्टवेयर को इस्तेमाल में लेना होगा उसके यूजर पासवर्ड के माध्यम से आप इस सॉफ्टवेयर को आगे चला सकते हैं और आवेदन कर सकते हैं ।

मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना के लिए डॉक्यूमेंट–

मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट में आधार कार्ड पैन कार्ड और निवास प्रमाण पत्र का होना बहुत आवश्यक होता है इसके अलावा बैंक की डीडीबीटी होना बहुत जरूरी होता है ताकि सरकार के द्वारा मिलने वाली आर्थिक सहायता डायरेक्ट किसान के खाते में ही प्राप्त हो सके।