नारी सम्मान योजना, आखिर क्यों नहीं आई महिलाओं के खाते में दूसरी किस्त

नारी सम्मान योजना की पहली किस्त 10 दिसंबर को आना है जो की एक तरह से फेक न्यूज़ है कमलनाथ सरकार के द्वारा स्वयं एक जारी किए गए नारी सम्मान योजना के पत्र में बताया गया है कि पहली किस्त को 1 जनवरी 2024 के दिन ट्रांसफर किया जा सकता है । आज के आर्टिकल में हम जानने का प्रयास करेंगे कि आखिर 10 दिसंबर को नारी सम्मान योजना की पहली किस्त क्यों नहीं आई और कमलनाथ सरकार के द्वारा पहली किस्त को किस दिन जमा किया जाएगा।

10 दिसंबर को नहीं आएंगे नारी सम्मान योजना के पैसे–

सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफार्म पर जैसे फेसबुक ,व्हाट्सएप ,इंस्टाग्राम,यूट्यूब अन्य जगह से 10 दिसंबर को नारी सम्मान योजना के पैसे जमा होने की खबरें फैलाई जा रही हैं लेकिन सच बात यह है कि इस तरह की कोई भी घोषणा सरकार के द्वारा नहीं की गई है । नारी सम्मान योजना से संबंधित अपडेट यह है कि 1 जनवरी 2024 को ही नारी सम्मान योजना के पैसे जमा किए जा सकते हैं लेकिन यह भी कंफर्म तरीके से नहीं बताया गया है । मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव खत्म हो गए हैं जिस कारण से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ जी के द्वारा आश्वासन दिया गया है कि 3 दिसंबर 2023 को विधानसभा चुनाव के परिणाम आ जाएंगे इसके बाद ही यह निर्णय लिया जाएगा की नारी सम्मान योजना का क्या करना है।

आश्वासन देते हुए कमलनाथ जी ने यह बताया है कि अगर मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो इस योजना की ऑनलाइन प्रक्रिया 3 दिसंबर के बाद से ही शुरू कर दी जाएगी और अगर कांग्रेस की सरकार नहीं बनी तो इस योजना के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता आगे चलकर यह योजना बंद भी हो सकती है और पेंडिंग में भी हो सकती है और इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

नारी सम्मान योजना की दूसरी किस्त का विवरण–

सबसे पहली बात नारी सम्मान योजना की दूसरी किस्त के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है अभी केवल नारी सम्मान योजना की पहली किस्त की जानकारी है जो की 1 जनवरी 2024 को आ सकती है इसकी राशि ₹1500 ही रहेगी और₹450 का गैस सिलेंडर अभी केवल संभावित है 3 दिसंबर 2023 को अगर मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो नारी सम्मान योजना को भी आगे बढ़ाया जाएगा और ₹450 में गैस सिलेंडर भी दिया जाएगा अगर सरकार नहीं बनी तो यह दोनों कैंसिल हो सकता है ।

नारी सम्मान योजना से मध्य प्रदेश की महिलाओं को लाभ–

नारी सम्मान योजना से महिलाओं के सशक्तिकरण में बढ़ावा होता है और उनके घरेलू खर्च में सहयोग मिलता है आज से पहले ऐसी कोई भी योजना शुरू नहीं की गई जो की महिलाओं को आर्थिक रूप से सहयोग प्रदान कर सके। शिवराज सरकार के द्वारा किसान सम्मन निधि तो दी जाती है मगर पूरी साल में केवल ₹6000 दिए जाते हैं जबकि आज के समय के हिसाब से बात करें तो किसान का उर्वरक का मूल्य लगभग पहले से तीन गुना हो चुका है ।

पहले किस 5 एकड़ के लिए₹5000 में पूरा खाद खरीद लेता था और आज के समय में₹15000 का खाद बीज कम हो जाता है । इस तरह से अगर किसान सम्मन निधि की बात करें तो किस को पता ही नहीं चलता कि सरकार के द्वारा हमें कुछ मदद भी दी जाती है क्योंकि महंगाई इतनी ज्यादा है कि आर्थिक रूप से मिले हुए लाभ का पता ही नहीं चलता ।