मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना 2024, इस दिन सीखो कमाओ लाभार्थियों के खाते में आएंगे 10000 रुपए

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के तहत मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए नया मौका शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा चुनाव से पहले दिया था लेकिन विधानसभा चुनाव होने से पहले इसका आवेदन तो कर लिया गया था मगर इसकी भर्ती को सुनिश्चित नहीं किया । मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के लिए नए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी के द्वारा कोई कदम उठाए जा सकते हैं इसके बारे में अभी कुछ कंफर्म नहीं कहा जा सकता लेकिन 2024 में शायद आवेदन करने वाले युवाओं के लिए ₹10000 प्रति महीना कोई भी जॉब दिलाई जा सकती है। आज के आर्टिकल में हम जानेंगे की नई साल के उपलक्ष में सिखों कमाओ योजना का लाभ कैसे मिल सकता है और इसके लिए युवाओं को क्या करना होगा ।

सीखो कमाओ योजना का लाभ कैसे मिलेगा?

मुख्यमंत्री सीखो कम योजना की शुरुआत मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के द्वारा की गई थी जिसके बाद मध्य प्रदेश के युवाओं ने इसके लिए आवेदन भी किए थे मगर इसके लिए अभी रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। जनवरी 2024 से सिखों कमाओ योजना के लिए नए अवसर दिए जा सकते हैं और इसके लिए अन्य घोषणाएं भी की जा सकती हैं।

मध्य प्रदेश के युवा इस योजना का लाभ लेने से पहले आवेदन कंप्लीट करें और उसमें किस कैटेगरी में रोजगार चाहते हैं उसे सेलेक्ट करें यही प्रक्रिया आप साइबर कैफे में जाकर संपन्न कर सकते हैं ।

मध्य प्रदेश सरकार कर रही युवाओं के भविष्य को बर्बाद–

मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा कई तरह की परीक्षाओं को कंडक्ट कराया जाता है लेकिन उनके परीक्षा परिणाम कई दिनों तक लटकाए रखती है जैसे पटवारी भर्ती परीक्षा 2023 और अन्य जितनी भी कॉम्पिटेटिव एक्जाम होती हैं सभी का रिजल्ट बहुत ही लेट आता है। मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना एक तरह से युवाओं को रोजगार देने के लिए शुरू की गई थी मगर इस योजना के बारे में सब कुछ बंद पड़ा है। मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी के बनाने के बाद यह आश्वासन दिया गया है कि मुख्यमंत्री इसी को कमाओ योजना को भी आगे बढ़ाया जाएगा और जनवरी 2024 की शुरुआत में ही इस योजना का लाभ दिया जाना तय किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना में युवाओं को कहां मिलेगी नौकरी–

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के लिए रोजगार उम्मीदवारों को अपने ही नजदीकी शहर में या फिर अपने जिले के पड़ोसी जिले में दिया जाएगा जिसमें सबसे ज्यादा योगदान प्राइवेट कंपनियों का होगा। जैसा इस योजना का नाम है वैसा ही इस योजना का काम है क्योंकि पूरा भुगतान सरकार के द्वारा नहीं किया जाएगा लेकिन 70% भुगतान सरकार करेगी और 30% प्राइवेट कंपनियों के द्वारा इस योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।