नए आदेश के अनुसार सरकार ले रही है 30000 करोड़ कर्ज, लाड़ली बहना योजना है सरकार पर सबसे बड़ा आर्थिक बोझ

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद शिवराज सिंह चौहान की जगह है डॉ मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया गया है इसके बाद अब लाडली बहना जैसी योजना को बंद करने का फैसला लिया जा रहा है। विधानसभा चुनाव 2023 के पहले शिवराज सिंह चौहान जी के द्वारा इस योजना को लेकर एक बयान जारी किया गया था जिसमें उन्होंने कहा था कि मध्य प्रदेश की महिलाओं को इस योजना के तहत ₹3000 तक की राशि प्रदान की जाएगी जिससे उनकी आर्थिक सहायता हो सकेगी।

प्रदेश में डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री के तौर पर पदस्थ हुए हैं जिसके बाद इस योजना को अब बंद करने जैसी स्थिति बनते दिख रही है जिसके बाद सरल सिंह चौहान ने एक बयान जारी किया है कि इस योजना को बंद नहीं किया जाएगा । आज के आर्टिकल में यही बात करेंगे की क्या आखिर में इस योजना को सही में बंद किया जाएगा या फिर इसे आगे बढ़कर ₹3000 तक ले जाया जाएगा।

भाजपा सरकार अपने वादे से मुकरी–

भाजपा पार्टी के मुख्य नेता मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री के पद पर पदस्थ थे जिसके बाद विधानसभा चुनाव 2023 में परिणाम आने पर डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है । मुख्यमंत्री तो पार्टी के किसी नेता को ही बनाया गया है लेकिन पार्टी ने जो वादा किया था अब उससे दूर भाग रही है। भाजपा पार्टी ने सरकार बनते ही यह वादा किया था कि पिछली योजनाओं को बंद नहीं किया जाएगा लेकिन अब इन योजनाओं को बंद करने जैसे हालात बन रहे हैं जिसके बाद एमपी में जनता बड़ी ही आक्रोश में होते दिख रही है । आने वाले लोकसभा चुनाव में शायद भाजपा पार्टी को इस प्रकार की समस्याओं को बड़े रूप में देखने को मिले और चुनाव में इसका असर भी देखने को मिल सकता है।

इस योजना से होगी महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार–

मध्य प्रदेश में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए यह योजना बहुत ही उपयुक्त थी और आगे चलकर उनका आर्थिक रूप से एक मजबूती प्रदान करने वाली योजना थी अगर इसे बंद किया जाता है तो महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधरने वाली कोई और योजना शायद कभी चालू हो लेकिन यह योजना बहुत ही उपयुक्त है।

मध्य प्रदेश की जनता ने इस योजना की काफी तारीफ की है और शिवराज सरकार को धन्यवाद भी दिया है कि आखिर में महिलाओं के लिए इस तरह की योजना काफी लाभदायक है । मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के जो परिणाम आए हैं उसके बाद यह आंकड़ा लगाया गया कि अगर पार्टी की जीत किसी योजना ने दिलाई हेतु वह है यही योजना है क्योंकि बहुत सारे मतदाता इस बार अन्य पार्टी की सरकार चाहते थे मगर महिलाओं ने एमपी में खेल कर दिया और शिवराज मामा को भारी मतदान से पार्टी बनने का एक बार फिर सौभाग्य प्रदान किया ।

शिवराज सिंह चौहान की योजनाओं से एमपी में बढ़ा कर्ज?

शिवराज सरकार ने जब इस योजना को शुरू किया था उसके पहले भी उन्होंने लगभग 500 करोड रुपए कर्ज ले रखा था इसके बाद इस योजना की शुरुआत की थी और अब नई सरकार जो की मोहन यादव के नेतृत्व में बनी है उसके द्वारा 30000 करोड रुपए का कर्ज लिया जा रहा है जो की एमपी के लिए एक बहुत ही संकट वाली बात है। अगर मध्य प्रदेश में इसी तरह कर्ज बढ़ता गया तो आगे चलकर एमपी की जनता के लिए इसका बहुत ही खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।