लाड़ली बहनों के लिए 2000 करोड़ कर्ज ले रही एमपी मोहन यादव सरकार, लखपति बहना योजना भी शामिल

मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के द्वारा एमपी की लाडली बहनों के लिए कर्ज लिया जा रहा है क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा यह बयान जारी किया गया था कि किसी भी हाल में पुरानी योजनाओं को बंद नहीं होना चाहिए चाहे उसके लिए सरकार को किसी भी तरीके का कदम उठाना पड़े। विधानसभा चुनाव 2023 के पहले एमपी में 11 ऐसी योजनाएं शुरू हुई थी जिनका नए मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के द्वारा आगे बढ़ाया जाएगा और आज के आर्टिकल में इन्हीं योजनाओं पर चर्चा करेंगे।

एमपी में हुई लखपति योजना की घोषणा–

लखपति योजना को शुरू करने के पीछे मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी का हाथ है लेकिन इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए नए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अब मैदान में उतर आए हैं और एमपी की जनता के लिए इस योजना का लाभ प्रदान करेंगे।

लखपति योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के गरीब परिवारों को ₹10000 से लेकर 120000 रुपए तक प्रति महीना दिया जा सकता है और इस योजना का उद्देश्य मध्य प्रदेश के गरीब परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत करना होगा ।

लखपति योजना के लिए पात्रता–


मध्य प्रदेश लखपति योजना के लिए वह महिलाएं भी पात्र मानी जाएगी जिनका नाम लाडली बहना में आया है या फिर नहीं आया है। लखपति योजनाओं का लाभ लेने के लिए मध्य प्रदेश में महिलाओं का निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए और उम्र सीमा 21 वर्ष से लेकर 60 वर्ष तक होना चाहिए। मध्य प्रदेश के जो परिवार गरीब नहीं है अथवा जिनकी वार्षिक आय करोड़ों में है उनको इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

लखपति योजना करेगी एमपी की जनता को आर्थिक रूप से मजबूत–

लाडली बहनों के लिए प्रति महीना मध्य प्रदेश की सरकार 1250 रुपए आर्थिक सहायता के लिए देती है साथ में अब इस राशि को कम नहीं किया जा सकता लेकिन अगली किस्त के समय इस राशि को ₹1500 किया जा सकता है । लाडली बहनों के लिए मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा यह आश्वासन दिया गया है कि इसी योजना के साथ-साथ मध्य प्रदेश के गरीब परिवारों के लिए लखपति योजना को भी शुरू किया जाएगा हालांकि इस योजना की शुरुआत का समय अभी पता नहीं ।

लखपति योजना करेगी एमपी में महिलाओं को आर्थिक रूप से लाभान्वित –

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के द्वारा इस तरह की योजना का क्रियान्वयन किया गया और आगे बढ़ाने के लिए प्रयत्न किया गया लेकिन अब समझने मुख्यमंत्री का है कि इस योजना को किस तरह कैसे आगे बढ़ाना है । नए मुख्यमंत्री के पास इस तरह की योजना को आगे बढ़ाने के लिए कोई बजट नहीं है लेकिन इस तरह की योजना को पूरा करने के लिए 2000 करोड रुपए का कर्ज़ सरकार के द्वारा लिया जा सकता है ।